
रायपुर। पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए डॉ. गौरव सिंह ने “प्रोजेक्ट पुनर्जीवन” के तहत कलेक्टोरेट परिसर में पेड़ों के आसपास बने कांक्रीट को स्वयं हटवाकर सिंचाई हेतु गड्ढे बनवाए। इस पहल का उद्देश्य पेड़ों को पर्याप्त जल, पोषण और प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे उनका स्वस्थ विकास सुनिश्चित हो सके।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि शहरीकरण के कारण पेड़ों के चारों ओर कांक्रीट बिछा दिए जाने से उनकी जड़ों तक पानी और हवा का प्रवाह बाधित हो जाता है। इसे हटाकर प्राकृतिक स्वरूप बहाल करने से पेड़ों को नया जीवन मिलेगा और शहर की हरियाली भी बढ़ेगी।
यह अभियान विष्णुदेव साय के निर्देश पर संचालित “प्रोजेक्ट पुनर्जीवन” के अंतर्गत चलाया जा रहा है। अभियान के तहत शहर के विभिन्न निगम जोनों में भी व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में नगर निगम की टीम द्वारा पेड़ों के आसपास की कांक्रीट एवं लोहे की जालियां हटाकर उन्हें खुला वातावरण प्रदान किया जा रहा है। इससे वर्षा जल सीधे जड़ों तक पहुंचेगा और पेड़ों की आयु एवं गुणवत्ता में वृद्धि होगी।
प्रशासन का मानना है कि यह पहल केवल पेड़ों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संतुलन, स्वच्छ वायु और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर प्राकृतिक विरासत सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
शहरवासियों से भी अपील की गई है कि वे अपने आसपास के पेड़ों की देखभाल करें और हरित रायपुर के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। “प्रोजेक्ट पुनर्जीवन” पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक जन-आंदोलन का रूप ले रहा है, जो आने वाले समय में रायपुर को और अधिक हरा-भरा एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






