
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जिले के बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) एवं संकुल समन्वयकों की बैठक लेकर शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार, स्वच्छ विद्यालय परिसर और विद्यार्थियों के नाम पर वृक्षारोपण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को प्रेरणादायक, आनंदमय और बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना शिक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आगामी शाला प्रवेशोत्सव को केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर उत्सव के रूप में मनाया जाए, ताकि विद्यालय आने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों में सकारात्मक माहौल का निर्माण हो सके। उन्होंने कहा कि नए विद्यार्थियों का स्वागत आत्मीयता और सम्मान के साथ किया जाए, जिससे उनमें विद्यालय के प्रति अपनापन और उत्साह विकसित हो।
कलेक्टर ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव के दौरान विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर, पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश प्रदान कर स्वागत किया जाएगा। विद्यालयों को आकर्षक एवं स्वच्छ बनाने के साथ-साथ बच्चों के लिए सीखने का वातावरण और अधिक रोचक एवं प्रेरक बनाने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में विद्यालय परिसरों की नियमित साफ-सफाई, नवाचार आधारित शिक्षण गतिविधियों तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक विद्यार्थी के नाम पर वृक्षारोपण करने की योजना पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि इससे बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का भाव विकसित होगा।उन्होंने शिक्षा अधिकारियों से विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति, शिक्षण की गुणवत्ता और सीखने के परिणामों में सुधार के लिए सतत प्रयास करने को कहा। साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और सभी विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के केंद्र के रूप में विकसित हों।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि जिले के सभी शासकीय विद्यालयों में ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जहां बच्चे खुशी के साथ विद्यालय आएं, सीखें और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ें। शाला प्रवेशोत्सव इसी सकारात्मक सोच और शिक्षा के प्रति उत्साह को बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।






