उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुकरैल में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान का किया शुभारंभ, महर्षि चरक औषधि वन की भी स्थापना की

सबके लिए सबसे प्यारी होती है मां, हर नागरिक अवश्य लगाए ‘एक पेड़ मां के नाम’- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुकरैल में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान का किया शुभारंभ, महर्षि चरक औषधि वन की भी स्थापना की

मुख्यमंत्री ने कपूर, वन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण सक्सेना ने आंवला, वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने नीम व विधायक ओपी श्रीवास्तव ने लगाया आंवला का पौधा

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सीएम योगी की उपस्थिति में एक साथ लगाए गए 200 से अधिक पौधे, मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ ली सेल्फी

आमजन व स्कूली बच्चों ने मुख्यमंत्री को दी जन्मदिन की बधाई
 

लखनऊ,
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस पर  कुकरैल रेंज अवध वन प्रभाग में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने यहां कपूर का पौधा लगाया, जबकि वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण सक्सेना ने आंवला, वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने नीम तथा विधायक ओपी श्रीवास्तव ने आंवला का पौधा रोपित किया। मुख्यमंत्री ने यहां महर्षि चरक औषधि वन की भी स्थापना की। सीएम  की उपस्थिति में एक साथ 200 से अधिक पौधे लगाए गए। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ सेल्फी भी ली और मिष्ठान वितरित किया। सभी ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई भी दी। 

हर व्यक्ति मां के नाम पर अवश्य लगाए एक पौधा 
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पीएम मोदी ने देशवासियों के सामने लक्ष्य रखा कि नागरिक के रूप में मां व मातृभूमि के प्रति हमारा दायित्व बनता है। इसीलिए उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की थीम मां को समर्पित की। हर व्यक्ति के लिए मां सबसे प्यारी होती है, इसलिए दायित्वों का निर्वहन करते हुए हर व्यक्ति मां के नाम एक पेड़ अवश्य लगाकर इस अभियान को आगे बढ़ाए। शहर-गांव के फॉरेस्ट को विकसित करे। वन विभाग ने 50 करोड़ से अधिक पौधे तैयार किए हैं। आज 5 करोड़ पौधरोपण लक्ष्य के साथ यह कार्यक्रम बढ़ रहा है।

पर्यावरण की गंभीर चिंता से ग्रसित है विश्व 
सीएम ने कहा कि विश्व आज पर्यावरण की गंभीर चिंता से ग्रसित है। हर व्यक्ति जानता है कि पर्यावरण की चुनौती केवल प्रकृति की ही नहीं, बल्कि जीव सृष्टि की भी है। मौसम चक्र में आए परिवर्तन से अतिवृष्टि, अनावृष्टि आदि के कारण हम सभी इसके दुष्प्रभाव को देख रहे हैं। यह आपदा मानव निर्मित है और इस समस्या का समाधान भी मनुष्य को ही निकालना है। 

पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वाले कारकों से दूरी बनाएं 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नागरिक धरती मां के प्रति अपने दायित्वों व कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करे तो हम पर्यावरण संरक्षण कर धरती माता को सुरक्षित रख सकते हैं। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रयास यह है कि हर व्यक्ति पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वाले कारकों से दूरी बनाए और पर्यावरण की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास का हिस्सा बने। 

अपील-सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कतई न करें
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण के सरल उपायों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाएं यानी सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह रोकें। इससे होने वाले नुकसान से बचाने की कार्रवाई हर कोई आसानी से कर सकता है। सीएम ने अपील की कि कोई भी प्लास्टिक वेस्ट किसी सार्वजनिक स्थान, जलस्रोत, वाटिका, जंगल, उपवन आदि में न फेंकें। 

बरसात की एक-एक बूंद को सुरक्षित करें
सीएम ने जल संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि
बरसात के पानी की एक-एक बूंद को सुरक्षित करने का प्रयास करें। पेड़ को क्षति न पहुंचाएं और हर महत्वपूर्ण आयोजन पर एक पेड़ अवश्य लगाएं। 9 वर्ष में प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया गया। इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए विश्व पर्यावरण दिवस पर आज ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम का शुभारंभ हो रहा है। सीएम ने स्कूली छात्रों से इस अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने, प्लास्टिक मुक्त वातावरण के लिए सजग रहने, अभिभावकों को भी सचेत करने, जल संरक्षण के लिए व्यापक अभियान का हिस्सा बनने और पौधरोपण महाभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

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