
लखनऊ
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को भी नई मजबूती दे रही है। पीएम पोषण योजना के अंतर्गत राजकीय, परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत लाखों छात्र-छात्राओं को संतुलित, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। बच्चों की थाली में ऊर्जा, प्रोटीन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर सरकार उनके शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को बल दे रही है। यही नहीं, बेहतर पोषण उपलब्ध कराकर योगी सरकार कुपोषण के खिलाफ अपनी लड़ाई को भी और मजबूत बना रही है।
विकसित और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नींव स्वस्थ, शिक्षित और सक्षम बच्चों पर टिकी होती है। इसी सोच के अनुरूप योगी सरकार विद्यालयों में संचालित पीएम पोषण योजना को केवल मध्याह्न भोजन कार्यक्रम तक सीमित न रखकर बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण सुरक्षा और समग्र विकास का प्रभावी माध्यम बना रही है। पौष्टिक भोजन के माध्यम से बच्चों को आवश्यक ऊर्जा, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व मिल रहे हैं, जिससे उनकी सीखने की क्षमता, विद्यालयों में उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है। लाखों बच्चों तक संतुलित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन पहुंचाकर सरकार एक स्वस्थ और आत्मविश्वासी नई पीढ़ी तैयार करने के साथ-साथ कुपोषण मुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
पोषण मानकों को सुनिश्चित कर रही सरकार
पीएम पोषण योजना के अंतर्गत प्राथमिक स्तर के बच्चों को प्रतिदिन न्यूनतम 450 कैलोरी ऊर्जा और 12 ग्राम प्रोटीन उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं उच्च प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 700 कैलोरी ऊर्जा और 20 ग्राम प्रोटीन सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पोषण मानक बच्चों के शारीरिक विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता, मानसिक एकाग्रता और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मौसमी फल, दूध और संतुलित भोजन से बढ़ रही पोषण सुरक्षा
योगी सरकार बच्चों के भोजन को अधिक संतुलित और पोषणयुक्त बनाने के लिए विविध खाद्य पदार्थों को शामिल कर रही है। सप्ताह के अलग-अलग दिनों में बच्चों को दाल, हरी सब्जियां, सोयाबीन युक्त भोजन, दूध और मौसमी फल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे बच्चों को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन, आयरन और अन्य आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व नियमित रूप से प्राप्त हो रहे हैं। यह व्यवस्था बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ उनके समग्र विकास को भी गति दे रही है।
कुपोषण मुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को मिल रही मजबूती
प्रदेश में संचालित पीएम पोषण योजना अब केवल भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था नहीं रह गई है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन और कुपोषण उन्मूलन का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। बेहतर पोषण मिलने से बच्चों के स्वास्थ्य, उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। शिक्षा और पोषण को एक साथ जोड़कर योगी सरकार स्वस्थ, सक्षम और आत्मविश्वासी नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। लाखों बच्चों तक पौष्टिक भोजन पहुंचाकर सरकार कुपोषण मुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को भी निरंतर मजबूती प्रदान कर रही है।






