
नई दिल्ली
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच 20 हजार टन एलपीजी लेकर 'सिमी' कैरियर कांडला के दीनदयाल पोर्ट पर सुरक्षित रूप से पहुंच गया है। इस जहाज ने 13 मई को होर्मुज स्ट्रेट को पार किया था।
इस जहाज पर 21 क्रू सदस्य सवार हैं, जिनमें आठ यूक्रेनी और 13 फिलिपीनी हैं। मौजूदा निगरानी वाले ऑपरेशन्स में होर्मुज स्ट्रेट को पार करने वाला 'सिमी' 11वां एलपीजी टैंकर था
होर्मुज में तनाव के बीच सुरक्षित कैसे पहुंचा जहाज?
अधिकारियों के मुताबिक, डीजी शिपिंग और विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और पेट्रोलियम- प्राकृतिक गैस मंत्रालय के बीच करीबी तालमेल से इतनी सुरक्षा मुमकिन हो पाई।
कच्चे तेल का भंडार घटा
ये जहाज ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। पिछले कुछ महीनों में भारत का कच्चा तेल भंडार तेजी से घटा है। भंडार में लगभग 15% की गिरावट आई है।
कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म Kpler के आंकड़ों के अनुसार, भारत का कुल कच्चा तेल भंडार फरवरी के अंत में दर्ज 107 मिलियन बैरल से घटकर 91 मिलियन बैरल रह गया है। यह वही समय था जब संघर्ष शुरू हुआ था। इस भंडार में पेट्रोलियम भंडार, रिफाइनरी होल्डिंग्स और वाणिज्यिक भंडारण शामिल हैं, लेकिन पाइपलाइन स्टॉक शामिल नहीं हैं।
आयात में कमी के बावजूद भारतीय रिफाइनरों ने अब तक प्रोसेसिंग का काम स्थिर रखा है और बिना किसी बड़ी कटौती के रिफाइनरी का काम जारी रखा है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावटें लंबे समय तक जारी रहीं तो रिफाइनरों के पास रिफाइनरी का काम कम करने या कच्चे तेल की प्रोसेसिंग का स्तर घटाने के अलावा कोई और चारा नहीं बचेगा।






