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ईरान का बड़ा ऐलान: होर्मुज में ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और फीस वसूली की तैयारी

नई दिल्ली

होर्मुज को लेकर ईरान फिर एक बार नया ऐलान कर दिया है जिससे दुनियाभर के कई देशों पर इसका असर पड़ सकता है। वैश्विक तेल सप्लाई के लिए अहम माने जाने वाले होमूर्ज के लिए ईरान नया ट्रैफिक सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहा है। ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने शनिवार को घोषणा की है कि ईरान ने होर्मुज में समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए एक प्रोफेशनल मैकेनिज्म तैयार किया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर किए गए एक पोस्ट में अजीजी ने बताया कि ईरान अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सुरक्षा की गारंटी के दायरे में रहते हुए, एक निर्धारित मार्ग के माध्यम से होर्मुज में यातायात प्रबंधन के लिए इस योजना को लेकर आया है, जिसका जल्द ही खुलासा किया जाएगा।

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फीस भी वसूलेगा ईरान
अजीजी के अनुसार, इस नई व्यवस्था का लाभ केवल उन्हीं पक्षों को मिलेगा जो ईरान के साथ सहयोग कर रहे हैं। इस सिस्टम के तहत दी जाने वाली विशेष सेवाओं के लिए जरूरी शुल्क भी वसूला जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह समुद्री फ्रीडम प्रोजेक्ट के ऑपरेटरों के लिए पूरी तरह से बंद रहेगा। ऐसे में एक बार फिर तनाव और बढ़ने की आशंका है।

28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने ईरानी क्षेत्र पर हमले शुरू किए थे। अमेरिका-ईरान ने सात अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा की, लेकिन अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी, जबकि ईरान ने होर्मुज से गुजरने के लिए नए ट्रैफिक सिस्टम लगाने नियमों की घोषणा की है।

इससे पहले ईरान ने कहा है कि होर्मुज में बाधा आने और वैश्विक अर्थव्यवस्था के बिगड़ने के लिए सिर्फ वे जिम्मेदार हैं जिन्होंने पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू किया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि आमिर सईद इरावानी ने कहा, ईरान पर एक साल से भी कम समय में दो गैर-कानूनी हमले हुए हैं, जिससे वह 'दो गहरे और आपस में जुड़े हुए' तरीकों से प्रभावित हुआ है।

उन्होंने कहा कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित हजारों लोगों की मौत हुई और नागरिक, आर्थिक, ऊर्जा समेत कई चीजों में नुकसान हुआ। सैन्य अभियान खत्म होने के बाद भी इस संघर्ष के परिणाम बरकरार रहेंगे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्रीय और वैश्विक अस्थिरता के मूल कारणों की जांच होनी चाहिए।

इरावानी ने कहा, वर्तमान अस्थिरता अचानक नहीं हुई। इसके पीछे इजरायली शासन और अमेरिका द्वारा थोपे गए सैन्य संघर्ष और अवैध हमलों का हाथ है। उन्होंने जोर दिया कि ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल यूनिट पर हुए सीधे हमलों ने वैश्विक ऊर्जा और सप्लाई को प्रभावित किया है। इसके अलावा प्रतिबंधों और अमेरिकी समुद्री नाकेबंदी ने वैश्विक व्यापार और पण्य बाजार को चोट पहुंचाई थी।

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