
इंदौर
शहर में लोक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को भी सड़क पर दौड़ रही खतरनाक बसों पर सख्ती करते हुए कार्रवाई की गई। परमिट शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर 11 बसों को जब्त किया गया। वहीं दो बसों के फिटनेस निरस्त किए गए। जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा गुरुवार को तीन इमली चौराहा और राजकुमार ब्रिज के नीचे यात्री बसों की विशेष जांच अभियान चलाया गया।
सुरक्षा उपकरणों की सूक्ष्म जांच और नियमों की अनदेखी
जांच के दौरान बसों में सुरक्षा और परिवहन नियमों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की सूक्ष्मता से जांच की गई। अधिकारियों ने इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास व्यवस्था, पैनिक बटन, जीपीएस, स्पीड गवर्नर और प्रेशर हार्न की स्थिति देखी। साथ ही बसों की निर्धारित बैठक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने, ओवरलोडिंग और अधिक किराया वसूली की भी जांच की गई। बसों के पंजीयन प्रमाण पत्र, बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और पीयूसी दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई।
खराब सुरक्षा उपकरण और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई
आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि जांच में 13 यात्री बसों पर कार्रवाई की गई। इसमें कुछ बसों में फायर सेफ्टी उपकरण खराब पाए गए, कई बसों के इमरजेंसी एग्जिट बंद मिले और मेडिकल किट भी उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा कई बसें अवैध पार्किंग में खड़ी पाई गईं। संयुक्त कार्रवाई के दौरान एसडीएम ओमनारायण सिंह बड़कुल, एआरटीओ राजेश गुप्ता मौजूद रहे।
भारी जुर्माना और बस स्टाफ को कड़ी समझाइश
जांच के दौरान आठ बसों से 80 हजार जुर्माना वसूला गया। वहीं अन्य 3 बसों से डेढ़ लाख रुपये जुर्माना प्रस्तावित किया गया। अधिकारियों ने बस चालक-परिचालकों को समझाइश भी दी कि वे बसों में किसी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ परिवहन न करें और यात्रियों को आपातकालीन स्थिति में बचाव संबंधी जानकारी दें।






