
योगी सरकार की सख्ती से पर्यटन परियोजनाओं में आएगी तेजी, नवंबर तक धरातल पर दिखेंगे परिणाम
पर्यटन विकास को नई रफ्तार, अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं में बढ़ी जवाबदेही
ऐतिहासिक स्थलों और हेलीपोर्ट परियोजनाओं पर विशेष फोकस, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश
लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में उत्तर प्रदेश में पर्यटन और संस्कृति क्षेत्र तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में लखनऊ स्थित पर्यटन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया 20 मई 2026 तक पूरी कर स्वीकृत पत्र जारी किए जाएं। साथ ही निर्माणाधीन परियोजनाओं को 20 नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि फाइलों को लटकाने और काम में लापरवाही की संस्कृति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को समय से पूरा करने पर जोर
पर्यटन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2026 तक प्रदेश में चल रही परियोजनाओं का परिणाम जमीन पर दिखाई देना चाहिए, ताकि इनका लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया जा सके।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि मुख्यालय से अधिकारी समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण टीम फोटोग्राफर के साथ मौके पर जाकर कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन करेगी। इससे परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यों में तेजी आएगी। मंत्री ने कहा कि सरकार केवल कागजी कार्रवाई नहीं बल्कि धरातल पर परिणाम चाहती है। उन्होंने अधिकारियों को पत्राचार के बजाय समाधान आधारित कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए।
पर्यटन स्थलों के विकास से बढ़ेगा प्रदेश का गौरव
समीक्षा बैठक में आगरा और मथुरा में हेलीपोर्ट परियोजनाओं को क्रियान्वित करने के निर्देश भी दिए गए। वहीं भारत सरकार स्तर पर लंबित योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत नैमिषारण्य में प्रस्तावित कार्यों को जल्द शुरू करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थलों के इतिहास लेखन और शिलालेख संबंधी कार्यों को स्थापित प्रक्रिया के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए गए। जिला महोत्सवों को जनपद स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य रूप से आयोजित करने पर भी विशेष बल दिया गया।
वहीं वर्ष 2017 से अब तक पर्यटन और संस्कृति विभाग द्वारा कराए गए कार्यों, उनकी लागत, स्वीकृत धनराशि और प्रगति की जनपदवार रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिससे विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी हो सके।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर योगी सरकार का फोकस
बैठक में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि परियोजनाओं को पूरा करने में किसी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भुगतान प्रक्रिया के लिए समय सारिणी तय करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यदायी संस्थाओं को समय पर भुगतान हो सके और परियोजनाएं प्रभावित न हों। पर्यटन मंत्री ने नकारा और कार्य में रुचि न लेने वाले ठेकेदारों को सिस्टम से बाहर करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी व्यवस्था, जवाबदेही और तेज विकास है।
बैठक में विशेष सचिव पर्यटन मृदुल चौधरी, प्रबंध निदेशक यूपीएसटीडीसी आशीष कुमार, निदेशक इको पर्यटन पुष्प कुमार के., विशेष सचिव संस्कृति संजय कुमार सिंह, पर्यटन सलाहकार जे.पी. सिंह, क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी अंजू चौधरी, संयुक्त निदेशक प्रीति श्रीवास्तव, प्रचार अधिकारी कीर्ति एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।






