उत्तर प्रदेश

रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा, कानपुर में टेक्नीशियन ने निकाली किडनी, पुलिस की रडार पर कई बड़े डॉक्टर

 कानपुर
 कानपुर पुलिस को किडनी खरीद-फरोख्त मामले में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। किडनी ट्रांसप्लांट गैंग का नेटवर्क लगातार बढ़ता जा रहा था। इस गैंग के सदस्य एक विदेशी महिला का किडनी ट्रांसप्लांट कर चुके हैं। इसके साथ ही इस दौरान एक महिला की मौत भी हो चुकी है। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की जांच में यह बातें खुलकर सामने आई हैं। पुलिस किडनी कांड में आठ लोगों की गिरफ्तारी कर चुकी है। जांच टीम को डॉ. रोहित, अली, अखिलेश समेत कई लोगों की तलाश है।

किडनी कांड की जांच डीसीपी वेस्ट एमएम कासिम आबिदी कर रहे हैं। पुलिस ने गाजियाबाद से पकड़े गए दो ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश को शुक्रवार को जेल भेजा था। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने कई अहम राज उगले थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है। उसके घर पर दबिश दी गई, लेकिन वह पहले से फरार हो गया था।

ओटी टेक्नीशियन ने किया ट्रांसप्लांट
अली जिस मेडीलाइफ हॉस्पिटल में काम करता था। उस हॉस्पिटल के तीनों मालिक भी फरार हैं। वहीं, इस मामले में मेरठ के तीन डॉक्टरों के नाम भी प्रकाश में आए हैं। यह सभी किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े डोनर और मरीजों को ढूंढने का काम करते थे। जेल भेजे गए कुलदीप और राजेश ने पुलिस को बताया कि दिल्ली निवासी मुदस्सर अली सिद्दकी ने आयुष की किडनी निकाली और फिर पारुल तोमर को ट्रांसप्लांट कर दी। यदि पुलिस अली सिद्दकी को अरेस्ट करती है तो कई और बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं।

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परिवार ने दी सफाई
पुलिस ने जब मुदस्सर अली सिद्दकी के घर पर दबिश दी तो अली वहां नहीं मिला। लेकिन उसकी पत्नी, बेटी और परिवार के अन्य सदस्य मिले। पत्नी ने बताया कि मेरे पति अस्पताल में ओटी स्टॉफ हैं। वह कोई न्यूरोलोजिष्ट या डॉक्टर नहीं हैं। ओटी टेक्नीशियन किडनी ट्रांसप्लांट कैसे कर सकता है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि अली दिसंबर 2025 में मेडीलाइफ हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट कर चुका है। मेडीलाइफ हॉस्पिटल औरैया के डॉ. नरेंद्र, कन्नौज के डॉ. रोहन, डॉ. संदीप के पार्टनरशिप में है।

 

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