मध्यप्रदेश

जल संरक्षण पर सख्ती: सरकारी कार्यालयों व पीएम आवास में वर्षा जल संचयन जरूरी

इंदौर

जिले में नए और पुराने तालाबों से आजीविका गतिविधियां जोड़ने के लिए यूजर ग्रुप बनाए जाएंगे, जिनमें महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर रोजगार के अवसर विकसित किए जाएंगे।

सभी शासकीय भवनों और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य होगी। श्मशान घाटों के जीर्णोद्धार कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

जल संरक्षण और संवर्धन की व्यापक रणनीति

जिले में जल संरक्षण और संवर्धन को लेकर प्रशासन ने व्यापक रणनीति बनाई है। कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान सहित विभिन्न जल संरचनाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन तथा वन मंडलाधिकारी लाल सुधाकर सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

अमृत सरोवर और जल संरचनाओं की प्रगति

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। अमृत सरोवर अभियान के तहत 101 तालाबों का निर्माण पूर्ण किया गया, जबकि इस वर्ष 12 नए तालाबों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है।

इसके अलावा विभिन्न अभियानों के माध्यम से सैकड़ों सोख पिट, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन संरचनाएं, खेत तालाब तथा पारंपरिक जल स्रोतों का नवीनीकरण कराया गया है।

बरसात से पहले कार्य पूर्ण करने के निर्देश

बैठक के दौरान बताया गया कि इस वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों में करीब 800 नए कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें चेक डैम, पुलिया, कूप, डगवेल रिचार्ज और अन्य जल संरचनाएं शामिल हैं। कलेक्टर ने सभी कार्य बरसात से पहले हर हाल में पूरे करने के निर्देश दिए हैं।

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