
नई दिल्ली
वैष्णो देवी मंदिर को आदिशक्ति मां दुर्गा का पावन स्वरूप माना जाता है। यह प्राचीन धाम जम्मू-कश्मीर के त्रिकुटा पर्वत पर स्थित प्राकृतिक गुफा में विराजमान है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर के भवन, गर्भगृह और पवित्र गुफा में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध है, फिर भी कुछ लोग नियमों की अनदेखी करने की कोशिश करते हैं। हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर युवती ने छिपे हुए कैमरे की मदद से मंदिर परिसर का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की सुरक्षा टीम ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है।
नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब मंदिर परिसर में तीन-स्तरीय सुरक्षा जांच की जा रही है। यदि कोई श्रद्धालु गुप्त कैमरा या किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर अंदर प्रवेश करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। कटरा से लेकर भवन तक मार्ग में भी यात्रियों की कड़ी निगरानी की जाएगी।
क्यों है वीडियोग्राफी पर रोक ?
मंदिर की सुरक्षा, धार्मिक गरिमा और श्रद्धालुओं की निजता को ध्यान में रखते हुए भवन और गर्भगृह में फोटो या वीडियो बनाना प्रतिबंधित है। यह नियम सभी पर समान रूप से लागू है चाहे सामान्य श्रद्धालु हों या वी.आई.पी/वी.वी.आई.पी।
युवती के खिलाफ दर्ज हुई F.I.R
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद श्राइन बोर्ड ने संबंधित युवती के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। बताया जा रहा है कि उसने अपने चश्मे में छिपे कैमरे से वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस घटना के बाद प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






