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सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की मौत, 15 साल पहले पिता की हत्या का इतिहास दोहराया गया?

गद्दाफी
लीबिया के पूर्व शासक मुअम्मर गद्दाफी का बेटा सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी, मंगलवार को एक हमले में मारा गया। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने उनकी टीम के एक बयान का हवाला देते हुए बताया कि मुअम्मर गद्दाफी के बेटे की मंगलवार को पश्चिमी लीबिया में हत्या कर दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक सैफ अल-इस्लाम के घर में घुस आए चार अज्ञात बंदूकधारियों के साथ उनकी सीधी मुठभेड़ हुई और इस दौरान उनकी मौत हो गई।

गद्दाफी के करीबी नेता अब्दुल्ला ओथमान अब्दुर्रहीम ने फेसबुक पर इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि चार नकाबपोश बंदूकधारियों ने दोपहर में जिंटान शहर में गद्दाफी के आवास पर धावा बोल दिया। हमलावरों ने कथित तौर पर मुठभेड़ से पहले सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे हमलावरों की पहचान पता नहीं चल पाई। वहीं सैफ अल-इस्लाम की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना को लेकर ज्यादा जानकारी फिलहाल सामने नहीं आ पाई है। सैफ की टीम ने लीबियाई कोर्ट और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से हमले की जांच करने, अपराधियों की पहचान करने और इस ऑपरेशन की योजना बनाने वालों को जवाबदेह ठहराने की अपील की है।
कौन थे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी?

लीबिया में 2011 में नाटो समर्थित विद्रोह के बाद भी सैफ यहां एक अहम नेता बने रहे। बता दें कि इस विद्रोह में उनके पिता मुअम्मर गद्दाफी मारे गए थे। गद्दाफी ने चार दशकों से अधिक समय तक लीबिया में राज किया था। सैफ ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई पूरी की थी और उन्हें कभी कई सरकारों द्वारा लीबिया का स्वीकार्य, पश्चिमी-अनुकूल चेहरा माना जाता था। कोई आधिकारिक पद ना होने के बावजूद, सैफ अल-इस्लाम को एक समय मेरा तेल समृद्ध उत्तरी अफ्रीकी देश में अपने पिता मुअम्मर गद्दाफी के बाद सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता था।रिपोर्ट्स के मुताबिक सैफ अल-इस्लाम ने कई उच्च-स्तरीय, संवेदनशील राजनयिक मिशनों में मध्यस्थता की। उन्होंने पश्चिम के साथ संबंध बनाए और खुद को एक सुधारक के रूप में पेश किया। साथ ही सैफ ने संविधान और मानवाधिकारों के सम्मान का भी आह्वान किया।

हालांकि जब 2011 में गद्दाफी के लंबे शासन के खिलाफ विद्रोह हुआ, तो सैफ अल-इस्लाम ने अपनी दोस्ती के बजाय परिवार और कबीले की वफादारी को चुना और विद्रोहियों पर क्रूर कार्रवाई का मास्टरमाइंड बन गया। 2015 में, त्रिपोली की एक अदालत ने सैफ अल-इस्लाम को युद्ध अपराधों के लिए फायरिंग स्क्वाड द्वारा मौत की सजा सुनाई। इसके बाद 2017 में एक माफी कानून के तहत मिलिशिया द्वारा रिहा किए जाने के बाद से, सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी अंडरग्राउंड होकर जिंटान में रह रहे थे।

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