मध्यप्रदेश

प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट ने उठाया कदम, बांधवगढ़ वाटर पार्क मामले में केंद्र-राज्य सरकार से जवाब तलब

 जबलपुर
 हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में वाटर पार्क के संचालन को लेकर जवाब-तलब किया है।

इस सिलसिले में केंद्र व राज्य सरकार, एनटीसीए, मुख्य वन संरक्षक बांधवगढ़ सहित अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी को एक सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई नौ फरवरी को होगी।

जनहित याचिकाकर्ता शास्त्री नगर, जबलपुर निवासी पर्यावरण प्रेमी अभिषेक पाठक की ओर से अधिवक्ता प्रभात कुमार यादव ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील एवं प्रचुर संख्या में वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। विगत दो-तीन सालों से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की मौत की घटनाएं खतरनाक ढंग से बढ़ी हैं।

Related Articles

इस दौरान 12 हाथी, कई बाघ, तेंदुए, हिरण, सांभर, नीलगाय व बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत हुई है। इसके बावजूद टाइगर रिजर्व के पर्यावरण संवेदी कोर एरिया से लगे प्रतिबंधित जोन में कैलाशजी वाटर पार्क नाम से जल आधारित मनोरंजन सुविधा का संचालन आरंभ किया गया है। जहां स्विमिंग पूल हैं तथा कई वाटर स्पोर्ट्स होते हैं।

वाटर पार्क से हजारों लीटर केमिकल युक्त खराब पानी समीपी वन भूमि में छोड़ा जाता है। यह पानी वन्य भूमि व भूजल को प्रदूषित कर रहा है।

वन्य जीवों, पेड़ों व वनस्पतियों को भी इससे नुकसान पहुंच रहा है। आसपास के परंपरागत जल स्रोत भी प्रदूषित हो गए हैं। दुर्गंध आने के कारण वन्यजीव दूर भाग रहे हैं। ग्राम पंचायत, प्रदूषण नियंत्रण मंडल व राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से वाटर पार्क के निर्माण के पूर्व एनओसी नहीं ली गई। उक्त वाटर पार्क के संचालक पर रोक लगाने की मांग की गई।

कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद महानिदेशक फॉरेस्ट सर्वे आफ इंडिया, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, मध्य प्रदेश वन विभाग के प्रमुख सचिव, बांधवगढ़ मुख्य वन संरक्षक, बायोडायवर्सिटी बोर्ड मध्य प्रदेश, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर फील्ड बायोलॉजिस्ट, रेंजर एवं कैलाशजी बालाजी वाटर पार्क के संचालक कैलाश छतवानी से जवाब मांगा गया है।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button