
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहे युवा अधिवक्ता अनूप कुमार टी. शर्मा ने अखिल भारतीय बार परीक्षा (All India Bar Examination – AIBE-20) में शानदार सफलता प्राप्त की है। उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण परीक्षा को अपने प्रथम प्रयास में ही 65 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण कर विधिक क्षेत्र में अपनी योग्यता का लोहा मनवाया है।
उल्लेखनीय है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा आयोजित AIBE-20 को अब तक की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जा रहा है। देश में अधिवक्ता के रूप में स्वतंत्र विधिक प्रैक्टिस करने के लिए इस परीक्षा को उत्तीर्ण करना अनिवार्य होता है, जो किसी भी वकील की कानूनी दक्षता और पेशेवर कौशल का प्रमाण है।
पारिवारिक एवं शैक्षणिक पृष्ठभूमि:
अधिवक्ता अनूप कुमार टी. शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सेवानिवृत्त तहसीलदार स्वर्गीय गणेश राम थवाईत के पौत्र हैं। विरासत में मिले विधिक संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए वे वर्तमान में रायपुर सत्र न्यायालय और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में सक्रिय रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
समाज सेवा एवं प्रो-बोनो कार्य:
व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं के साथ-साथ अनूप शर्मा सामाजिक सरोकारों से भी गहराई से जुड़े हैं। वे ‘सत्यमेव जयते रायपुर (छत्तीसगढ़) फाउंडेशन’ के माध्यम से समाज के जरूरतमंद और योग्य व्यक्तियों को प्रो-बोनो (निःशुल्क) विधिक सहायता प्रदान कर रहे हैं, ताकि न्याय की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक हो सके।
सफलता पर संदेश:
अपनी इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए अधिवक्ता अनूप शर्मा ने कहा, “यह सफलता कठिन परिश्रम, निरंतर अनुशासन और न्याय के प्रति मेरी अटूट प्रतिबद्धता का परिणाम है। मेरा लक्ष्य भविष्य में भी संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना और समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को न्याय दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष करना है।”
उनकी इस उपलब्धि पर विधिक जगत के वरिष्ठ अधिवक्ताओं और शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे युवा कानूनविदों के लिए प्रेरणादायक बताया है।







