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उथली और खेत खदानों से आए 79 हीरे, पन्ना कार्यालय में तैयार नीलामी

पन्ना
 मध्य प्रदेश की हीरा नगरी पन्ना लोगों को रंक से राजा बनाने की पहचान रखती है. यहां आए दिन मजदूर-किसान और जिसने खदान ली हो, उसे हीरे मिलते रहते हैं. जिन लोगों को यह हीरे मिलते हैं, वे हीरा कार्यालय में जमा करते हैं. जिसके बाद जब हीरों की निलामी होती है, तो उसके पैसे हीरा मिलने वाले लोगों को दिए जाते हैं. पन्ना में हीरा कार्यालय सन 1961 में खुला था. तब से लगातार यहां पर शासकीय रूप से हीरे जमा होते हैं. उनकी सरकार द्वारा व्यवस्थित नीलामी कराई जाती है और 12% टैक्स काटकर बाकी राशि हीरा पाने वाले के खाते में ट्रांसफर की जाती है.

यहां होती है हीरों की नीलामी

सन 1961 से लेकर अभी तक यहां पर हीरों की लगातार नीलामी होती आ रही है. हीरा कार्यालय पहले कलेक्ट्रेट भवन, महेंद्र भवन में संचालित होता था. 2017 में नए कलेक्ट भवन बन जाने के कारण यह हीरा कार्यालय वहां पर शिफ्ट हो गया है. 27 अक्टूबर 2025 को नया हीरा कार्यालय बन गया है. हालांकि वहां पर अभी ये शिफ्ट नहीं हुआ है. नए कलेक्ट भवन में ही संचालित हो रहा है. यहां पर शासन द्वारा शासकीय रकवा हीरा खदान के लिए खोले गए हैं.

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जिन पर शासन स्तर पर पट्टा बनाया जाता है. इन्हीं खदानों को उथली हीरे की खदान बोला जाता है. निजी खेत खदान भी होती है, जहां पर लोग अपने खेतों में हीरे की खदान खोदते हैं. जिन लोगों को हीरा मिलता है, वे सभी लोग उसे हीरा कार्यालय में जमा कराते हैं. इन्हीं हीरो की नीलामी शासन स्तर पर होती है. जिसमें देश के कोने-कोने से हीरा व्यापारी पन्ना पहुंचते हैं और हीरे की नीलामी में हिस्सा लेते हैं. जो हीरा उन्हें पसंद आता है, उसे वह खरीद लेते हैं.

पिछली नीलामी में 3 करोड़ की हुई थी बिक्री

पिछली वर्ष हीरे की नीलामी 4 दिसंबर से 6 दिसंबर 2024 तक चली थी. यह नीलामी तीन दिनों की थी. जिसमें देश के कोने-कोने से हीरा व्यापारी यहां पर पहुंचे थे. इस नीलामी में मुख्य आकर्षण का केंद्र 32 कैरेट और 19 कैरेट का हीरा था. जो अच्छी कीमत में बिके थे. इस नीलामी में करीब 3 करोड़ रुपए के हीरे की बिक्री हुई थे.

अभी तक इतने हीरे हुए जमा

पिछली नीलामी दिनांक 6 दिसंबर 2024 के बाद से आज दिनांक 10 दिसंबर 2025 तक हीरा कार्यालय में कुल 79 नग हीरे जमा हुए हैं. जिनका वजन 142.84 कैरेट है. इसमें मुख्य आकर्षण का केंद्र 17.11 कैरेट का हीरा है. जो प्रकाश कुशवाहा निवासी नयापुरवा को दिनांक 17 दिसंबर 2024 को मिला था. यह हीरा इस वर्ष जमा हुए हीरों में सबसे बड़ा है. पिछली नीलामी में भी कुछ हीरे बच गए थे, जो नीलाम नहीं हो सके थे, उनकी संख्या करीब 40 है.

रामेश्वर जाटव लिपिक हीरा कार्यालय पन्ना ने बताया कि "अभी तक कुल 79 नग हीरे जमा हुए हैं. पिछले वर्ष नीलामी में 40 नग हीरे शेष बचे थे. आगामी जल्द होने वाली नीलामी में इन सभी हीरो को बिक्री के लिए रखा जाएगा."

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