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रेरा की सख्त कार्रवाई भोपाल में, एबोग इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी पर हुई बड़ी कार्यवाही

भोपाल में रेरा की बड़ी कार्रवाई — एबोग इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर भी गिरी गाज

बिल्डर हर्षवर्धन दीक्षित और गौरव शर्मा पर ₹10,000 प्रतिमाह क्षतिपूर्ति, ₹50,000 मानसिक क्षति मुआवज़ा और ₹5,000 प्रकरण व्यय का आदेश

भोपाल 
राजधानी भोपाल में रियल एस्टेट के नाम पर ग्राहकों से ठगी और मनमानी करने वाले बिल्डरों पर अब रेरा का डंडा चलने लगा है।मध्यप्रदेश रेरा (RERA) ने एबोग इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के संचालक हर्षवर्धन दीक्षित और गौरव शर्मा पर शुभ बिजनेस ज़ोन, रासलाखेड़ी, वार्ड नंबर 78, भानपुर प्रोजेक्ट में ग्राहकों को समय पर पजेशन न देने के मामले में सख़्त कार्रवाई की है।

रेरा ने अपने आदेश में कंपनी को निर्देश दिया है कि ग्राहकों को दुकान का पजेशन देने तक ₹10,000 प्रतिमाह क्षतिपूर्ति राशि दी जाए, साथ ही ₹50,000 मानसिक और शारीरिक पीड़ा के लिए मुआवज़ा और ₹5,000 प्रकरण व्यय का भुगतान किया जाए।

 ग्राहकों के आरोप — करोड़ों लेकर न दुकान दी, न जवाब

ग्राहक आरती भटेले, जयश्री बोराना, प्रेमलता, सीबा अख्तर, दयाराम पवार और सुरेश वर्मा ने रेरा और पुलिस कमिश्नर कार्यालय भोपाल में लिखित शिकायत दी थी।
शिकायत में कहा गया कि एबोग इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के बिल्डर हर्षवर्धन दीक्षित और गौरव शर्मा ने दुकानों की बुकिंग के नाम पर करोड़ों रुपये लिए लेकिन न तो तय समय पर निर्माण पूरा किया और न ही पजेशन दिया।
ग्राहकों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने विरोध किया तो उन्हें धमकाया गया और मानसिक उत्पीड़न किया गया।

 रेरा का सख़्त रुख — “अब खेल खत्म, जवाबदेही तय होगी”

रेरा ने मामले की सुनवाई के दौरान बिल्डरों की लापरवाही को “स्पष्ट धोखाधड़ी और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन” बताया।
प्राधिकरण ने कहा कि ग्राहकों की गाढ़ी कमाई से इस तरह खिलवाड़ करने वाले बिल्डरों को अब बख्शा नहीं जाएगा।

“रियल एस्टेट सेक्टर में जवाबदेही तय करने का समय आ गया है।
अब निवेशकों को ठगने वालों को हर कदम पर जवाब देना होगा।” 

 शुभ बिजनेस ज़ोन बना विवाद का केंद्र

भानपुर क्षेत्र का यह कमर्शियल प्रोजेक्ट लंबे समय से विवादों में रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एबोग इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने बड़े-बड़े दावे कर दुकानों की बुकिंग की थी, लेकिन निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया।
कई निवेशक अब भी अपनी मेहनत की कमाई फँसी होने से परेशान हैं।

 आदेश का प्रभाव — प्रदेश के बिल्डरों के लिए चेतावनी

रेरा की यह कार्रवाई पूरे मध्यप्रदेश के बिल्डरों के लिए एक कड़ा संदेश मानी जा रही है।
अब यदि कोई बिल्डर तय समय पर पजेशन नहीं देता या ग्राहकों से मनमानी करता है, तो उसके खिलाफ आर्थिक और कानूनी कार्रवाई तय है।

 सारांश में —
    •    कंपनी: एबोग इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
    •    प्रोजेक्ट: शुभ बिजनेस ज़ोन, रासलाखेड़ी, वार्ड नंबर 78, भानपुर, भोपाल
    •    बिल्डर: हर्षवर्धन दीक्षित एवं गौरव शर्मा
    •    शिकायतकर्ता: आरती भटेले, जयश्री बोराना, प्रेमलता, सीबा अख्तर, दयाराम पवार, सुरेश वर्मा
    •    रेरा आदेश:
    •    ₹12,000 प्रति माह क्षतिपूर्ति
    •    ₹50,000 मानसिक एवं शारीरिक क्षति मुआवज़ा
    •    ₹5,000 प्रकरण व्यय

भोपाल में रेरा की यह सख़्त कार्रवाई उन बिल्डरों के लिए सीधा संदेश है जो निवेशकों की गाढ़ी कमाई को अपनी जागीर समझ बैठे हैं।
अब हर परियोजना में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता ही एकमात्र रास्ता है — वरना एबोग इंफ्रास्ट्रक्चर की तरह हर लापरवाह बिल्डर को रेरा के शिकंजे में आना तय है।

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