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कफ सिरप की बिक्री पर बैन, बच्चों की मौत से दहशत में मेडिकल स्टोर वाले

इंदौर
 शहर में जेनेरिक कफ सिरप की बिक्री में भारी गिरावट आई है। बच्चों की मौत की खबरों के बाद लोगों ने इन दवाओं से दूरी बना ली है। इस वजह से कई आम कफ सिरप की मांग लगभग खत्म हो गई है। इंदौर केमिस्ट एसोसिएशन के मुताबिक, जेनेरिक कफ सिरप की मांग बहुत कम हो गई है। वहीं, मौसमी सर्दी-खांसी के कारण ब्रांडेड कफ सिरप की बिक्री में थोड़ी कमी आई है। कई माता-पिता अब दवाइयों की जगह घरेलू नुस्खे अपना रहे हैं।

बोतलों पर लग रही वार्निंग
राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने इन दवाओं पर एक खास चेतावनी लगाना अनिवार्य कर दिया है। इस चेतावनी में लिखा है, 'चार साल से कम उम्र के बच्चों को न दें।' FDA ने 4 अक्टूबर को एक पत्र जारी कर यह भी कहा है कि इन दवाओं को डॉक्टर के पर्चे के बिना नहीं बेचा जा सकता।

माल वापस कर रहे दुकानदार
दवा बाजार के एक थोक व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, 'छोटे दुकानदार कम मांग के कारण बिना बिका माल वापस कर रहे हैं। डॉक्टर भी जब तक बहुत जरूरी न हो, कफ सिरप नहीं लिख रहे हैं।'

बिना पर्चे के नहीं मिल रही कफ सिरप
केमिस्ट भी डॉक्टर के पर्चे के बिना कोई भी कफ सिरप नहीं बेच रहे हैं। अशोकनगर केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव शरद गुप्ता ने कहा, 'हमने FDA के निर्देशों के अनुसार क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फेनिलेफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड वाले सभी सिरप पैक कर दिए हैं और अपने वितरकों को वापस भेज रहे हैं।'

 

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