छत्तीसगढ़

लोगों को आवाजाही में हो रही दिक्कत के चलते कलेक्टर द्वारा एक ही दिन के भीतर मरम्मत करने के दिए गए थे निर्देश

दंतेवाड़ा

जिले में विगत सप्ताह अति वर्षा के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पुल-पुलियों जैसी आवागमन से जुड़ी अधोसंरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा था। इनमें अधिकतर पुल-पुलियों के ध्वस्त होने की घटनाएं दन्तेवाड़ा एवं गीदम विकासखण्ड के अन्तर्गत हुई। बारसूर नगर पंचायत क्षेत्र में भी पुल-पुलिया भी इससे प्रभावित हुए इनमें गणेष बहार नाला एवं मांडर नाला प्रमुख है। यातायात व्यवस्था को पुनः सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा इन क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों का निरीक्षण और इसके वैकल्पिक मरम्मत के लिए लगातार इन क्षेत्रों का मॉनिटरिंग किया जाता रहा। इस संबंध में उन्होंने पीडब्ल्यूडी एवं पीएमजीएसवाय के विभाग प्रमुखों को तात्कालिक मरम्मत कार्य करने के लिए स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे ताकि सड़क संपर्क मे किसी भी स्थिति में लंबे समय तक बाधित न हो। इस क्रम में उनके द्वारा दिनांक 30 अगस्त को अपने दौरे में गणेश बहार नाले पुल को पुनर्स्थापित करने हेतु पीडब्ल्यूडी विभाग को 24 घंटे के अंदर कार्य पूर्ण करने कहा था।

   फलस्वरूप 31 अगस्त तक विभाग द्वारा आवाजाही हेतु वैकल्पिक मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया गया। जिसका कलेक्टर द्वारा स्थल निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुल में पर्याप्त मात्रा में मिट्टी एवं बोल्डर डालकर मजबूती देने हेतु दिशा निर्देश दिए गए। ताकि भारी वाहन भी सुरक्षित रूप से गुजर सकें। इसके साथ ही कलेक्टर ने देर शाम तक बारसूर से नारायणपुर जोड़ने वाले मांडर नाले एवं ग्राम बालपेट के क्षतिग्रस्त पुल के निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए इसके भी मरम्मती कार्य को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उदित पुष्कर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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