Breaking Newsउत्तर प्रदेश

प्रोटोकॉल विवाद में फंसे यूपी मंत्री का बेटा, निजी सचिव को पद से हटाया गया

लखनऊ
योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह को प्रोटोकॉल दिलाने का पत्र जारी करना मंत्री के निजी सचिव को महंगा पड़ा। इस मामले नाराजगी जताते हुए स्वतंत्रदेव सिंह ने अपने निजी सचिव आनंद शर्मा को हटा दिया है। कहा जा रहा है कि मंत्री की बिना जानकारी में लाए निजी सचिव द्वारा यह पत्र जालौन के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को जारी किया गया था। हालांकि इस मामले के तूल पकड़ने और मीडिया में आने के बाद आनंद शर्मा ने पत्र को फर्जी करार दिया।

बता दें कि मंत्री पुत्र अभिषेक सिंह को जालौन में आयोजित तिरंगा यात्रा में भाग लेने जाना था। कोई आधिकारिक पद न होने के बावजूद मंत्री के निजी सचिव द्वारा जालौन के डीएम-एसपी को मंत्री पुत्र को प्रोटोकॉल दिलाने के लिए पत्र जारी कर दिया गया था। यह पत्र गत दिवस वायरल हो गया था। शुक्रवार को जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह द्वारा बिना जानकारी में लाए इस तरह का पत्र जारी करने पर पद से हटा दिया।

विपक्ष साध रहा था निशाना
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बेटे को प्रोटोकॉल देने को लेकर जारी हुए पत्र के वायरल होते ही विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया था। सपा और कांग्रेस के नेता इस पर सवाल खड़े कर रहे थे। 14 अगस्त को मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निजी सचिव आनंद कुमार द्वारा जालौन के डीएम और एसपी को भेजे गए पत्र में अभिषेक सिंह को स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के दिन प्रोटोकॉल दिए जाने का उल्लेख था। यह पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो गया था। इसके बाद सवाल उठाया जाने लगा कि आखिर किस आधार पर मंत्री के परिवार के किसी सदस्य को प्रशासनिक प्रोटोकॉल दिया जा सकता है।

विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को तत्काल घेरना शुरू कर दिया। कांग्रेस नेता विश्वविजय सिंह ने ‘एक्स’ पर लिखा- ‘वंशवाद को लेकर सर्वाधिक शोर मचाने वाली भाजपा के सरकार में अब मंत्री पुत्र को भी प्रोटोकॉल! जलशक्ति मंत्री के पुत्र को बिना किसी पद पर रहते प्रोटोकॉल देना यूपी भाजपा सरकार के नैतिक पतन की पराकाष्ठा है।’ सोशल मीडिया पर कई अन्य लोगों ने यह पत्र साझा करते हुए सवाल उठाए थे।

 

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button