Breaking Newsउत्तर प्रदेश

मायावती ने कहा- बंगाल सहित कई राज्यों में महिलाओं की स्थिति चिंताजनक

लखनऊ 
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दोनों पार्टियों पर आरोप लगाया कि वे अपने राजनीतिक स्वार्थ और विचारधारा के तहत भारतीय संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।
मायावती ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने देश को सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय के उद्देश्य से एक मानवतावादी और बेहतरीन संविधान दिया था, लेकिन कांग्रेस ने शुरुआत में और अब भाजपा ने वर्षों से उसे कमजोर करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि इन दोनों दलों ने दलितों, पिछड़ों, महिलाओं और किसानों के अधिकारों पर कुठाराघात किया है और संविधान में गैर-जरूरी संशोधन कर देश के जातिवादी ढांचे को फिर से स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। बीएसपी इन प्रयासों की कड़ी निंदा करती है।
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संविधान के तहत मिले अधिकारों को किसी भी हालत में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। भाषाई राजनीति पर उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान की भावना के अनुरूप सभी भाषाओं को समान सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा, "भाषा को लेकर बहस ठीक है, लेकिन राजनीतिक टकराव नहीं होना चाहिए।" मायावती ने केंद्रीय चुनाव आयोग से भी अपील की कि वह संविधान के अनुसार सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेकर कार्य करे। देश में महिलाओं की सुरक्षा, दलित उत्पीड़न और धार्मिक हिंसा के मुद्दे उठाते हुए उन्होंने कहा कि हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। बंगाल सहित कई राज्यों में महिलाओं की स्थिति पर उन्होंने विशेष चिंता जताई।
मायावती ने कहा कि बीएसपी का संगठनात्मक ढांचा मजबूत किया जा रहा है और पार्टी मीडिया की शोबाजी तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक ढांचा पूरी तरह से तैयार नहीं हो जाता, बैठकें चलती रहेंगी। इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर संविधान विरोधी चरित्र नहीं बदला गया तो बीएसपी चुप नहीं बैठेगी। जरूरत पड़ी तो पार्टी सड़कों पर उतरेगी।"

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button