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मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जल ही जीवन है, जल है तो कल है, इसे संरक्षित और सहेज कर रखें

जब तक नदियां बारहमासी नहीं होगी तब तक बड़ी नदियों का अस्तित्व बचा पाना चुनौती : पंचायत मंत्री पटेल

गंगा जल संर्वधन अभियान के तहत तेंदूखेड़ा के ग्राम इमलीडोल में हुआ कार्यक्रम

भोपाल

मध्यप्रदेश को नदियों को मायका कहा जाता है, 247 से अधिक नदियों का उद्गम स्थल मध्यप्रदेश में है, भारत के किसी भी राज्य में इतनी नदियों का उद्गम नहीं है, हमारी नदियों का पानी मॉ नर्मदा, गंगा, गोदावरी के बेसिन में जाता है। हम सभी सौभाग्यशाली है कि यहॉ गौरेया नदी का उद्गम है। इस स्थल पर फैंसिंग कर पौधे लगाये-जायेंगे और वहॉ कुंडी भी बनाई जायेगी जिससे लगे कि यह गौरेया नदी का उद्गम स्थल है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने तेंदूखेड़ा के ग्राम इमलीडोल में गंगा जल संवर्धन अभियान के तहत गुरूवार को समारोह को संबोधित किया।

मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जल ही जीवन है, जल है तो कल है, इसे संरक्षित और सहेज कर रखें क्योंकि जल के बिना प्राणियों का जीवन असंभव है इसलिए जल के संरक्षण के साथ जल देने वाले कॅुओं, तालाब और नदी को साफ सुथरा रखें और उन्हें संरक्षित करें। उन्होंने कहा कि जब तक नदियां बारहमासी नहीं होगी तब तक बड़ी नदियों का अस्तित्व बचा पाना चुनौती है। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि "एक पेड़ मां के नाम" अवश्य लगाये। उन्होंने सभी से पेड़ लगाने का आहवान करते हुए कहा कि ग्राम के लोग यहां पर पेड़ जरूर लगाएं। मॉ नर्मदा के परम भक्त दादा गुरू जी ने भी समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में जनसामान्य के अलावा जन-प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

 

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