Breaking Newsधर्म

भाई दूज कल, जानें तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त

भाई दूज का पर्व साल में दो बार मनाया जाता है. इसे भाई टीका , भाऊबीज , भाई बीज , भाई फोंटा और भ्रातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है. यह पर्व भाई-बहन से अटूट प्रेम को दर्शाता है. यह पर्व साल में दो बार मनाया जाता है पहला होली के बाद और दूसरा दिवाली के बाद. कल यानी 16 मार्च को होली भाई दूज मनाया जाएगा. यह चैत्र माह कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. आइए जानते हैं इस होली भाई दूज के पर तिलक लागने का शुभ मुहूर्त, नियम मंत्र और कथा के बारे में पूरी जानकारी.

होली भाई दूज तिलक लागने का शुभ मुहूर्त
होली भाई दूज यानी द्वितीया तिथि शाम 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगी. ऐसे में इस दिन सुबह से लेकर शाम 4 बजकर 58 मिनट तक भाई को तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधना शुभ रहेगा.

भाई दूज पर थाली में शामिल करें ये चीजें
भाई दूज के दिन भाई तिलक करने के लिए थाली में इन चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए. जैसे- रोली, अक्षत यानी सफ़ेद चावल, फूल, सुपारी, पान का पत्ता ,चांदी का सिक्का, सूखा नारियल, कलावा, केला, मिठाई और दीपक.

Related Articles

तिलक लगाने का नियम
होली की भाई दूज के दिन बहनें अपने भाइयों को भोजन का निमंत्रण दें. भाई का प्रेम पूर्वक स्वागत कर उन्हें चौकी पर बैठाएं. ध्यान रहे भाई का मुख उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए. इसके बाद भाई को कुमकुम से तिलक कर चावल लगाएं. फिर भाई को नारियल देकर सभी देवी-देवता से उसकी सुख, समृद्धि दीर्घायु की कामना करें. अब भाई बहन को उपहार में सामर्थ्य अनुसार भेंट करें. भाई को भरपेट भोजन कराएं.

तिलक लगाते समय करें इन मंत्रों का जाप
भाई दूज पर भाई को तिलक करते समय इस मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए. जिसके लिए एक चौक पर भाई को बैठाने के बाद उसके हाथों पर चावल का घोर लगाकर फूल, पान, सुपारी रखें. इसके बाद जल छोड़ते हुए मंत्र का जाप करें. गंगा पूजा यमुना को, यमी पूजे यमराज को. सुभद्रा पूजे कृष्ण को गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई आप बढ़े फूले फलें.

होली भाई दूज की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन भगवान यम अपनी बहन यमुना से मिलने गए थे और उन्होंने हार्दिक भाव से उनका स्वागत किया था. इसके बाद यमुना जी ने उनके माथे पर तिलक लगाया और मिठाई खिलाई थी. भगवान यम अपनी बहन के आतिथ्य से इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने यह वरदान दिया की जो भी भाई इस दिन अपनी बहन से तिलक लगवाएगा, उसे लंबी उम्र और समृद्धि का आशीर्वाद मिलेगा.

होली भाई दूज का महत्व
होली के बाद पड़ने वाले भाई दूज बहन और भाई के अटूट प्यार को दर्शाता है. एक पौराणिक कथा के अनुसार, यमराज ने अपनी बहन के घर जाकर टीका लगवाया था और भोजन किया था, इसके बाद यमराज ने अपनी बहन को आशीर्वाद देते हुए कहा था कि जो भाई अपनी विवाहित बहन के घर जाकर भोजन करने के साथ तिलक लगाएंगे, तो अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाएगा.

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button