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मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में डिजिटल टेक्नोलॉजी के प्रयोग में अग्रणी रहा

भोपाल

मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में डिजिटल टेक्नोलॉजी के प्रयोग में अग्रणी रहा है। केंद्र प्रायोजित पैक्स कम्प्यूटराइजेशन योजना के क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में मध्यप्रदेश देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। वर्तमान में प्राथमिक कृषि साख समिति (पैक्स) के डिजिटाइजेशन एवं सॉफ्टवेयर आधारित अंकेक्षण का कार्य प्रगति पर है।

सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव अशोक बर्णवाल की अध्यक्षता में योजना के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग के लिए गठित स्टेट लेवल इम्प्लीमेंटेंशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एसएलआईएमसी) की बैठक मंत्रालय में हुई। समिति ने सर्व सम्मति से पैक्स प्रबंधकों/ सहायक समिति प्रबंधकों को एकबारगी राशि 5000 रूपये की प्रोत्साहन राशि की स्वीकृति प्रदान की। इसके लिए 15 मई 2025 तक पैक्स को ई-पैक्स (तातारीख़ सॉफ्टवेयर पर कार्यशील होना) घोषित किया जाना अनिवार्य होगा। साथ ही जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों (डीसीसीबी) के 2 मास्टर ट्रैनर्स, जिनके बैंक की न्यूनतम 50 प्रतिशत पैक्स को उक्त दिनांक तक ई-पैक्स घोषित किया गया है, को प्रतिमाह राशि 1000 रुपए का प्रोत्साहन आगामी 12 माह तक प्रदान किया जाएगा।

पैक्स प्रबंधकों को दी जाने वाले राशि का वहन अपैक्स बैंक तथा मास्टर ट्रेनर को दी जाने वाली राशि का वहन संबंधित डीसीसीबी द्वारा किया जाएगा। इस तरह अच्छे कार्य को सराहना देने में भी मध्यप्रदेश प्रथम राज्य है।

बैठक में श्रीमती सी सरस्वती(मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल), मनोज कुमार गुप्ता ( प्रबंध संचालक, अपैक्स बैंक), अम्बरीश वैद्य (संयुक्त आयुक्त, आयुक्त सहकारिता प्रतिनिधि), श्रीमती अंजुली धुर्वे (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, डीसीसीबी रायसेन), विनय प्रकाश सिंह (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, डीसीसीबी विदिशा) एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

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