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दर्दनाक! …पत्नी की अंगूठी और मंगलसूत्र देख सहम गया पति, डोंबिवली हादसे ने छीन ली हंसते परिवार की रौनक

डोंबिवली

महाराष्ट्र के डोंबिवली एमआईडीसी की एक कंपनी में गुरुवार दोपहर को रिएक्टर का जोरदार धमाका हुआ. इस ब्लास्ट में कई कर्मचारियों की जान चली गई. एक महिला कर्मचारी रिद्धि अमित खानविलकर की भी मौत हो गई. इस विस्फोट के कारण कई परिवार उजड़ गए, उनमें से एक खानविलकर परिवार भी हैं.

अमित खानविलकर पालघर में एक पैथोलॉजी क्लिनिक में काम करते हैं, जब कि रिद्धी डोंबिली एमआयडीसी की कंपनी मे काम करती थी. डोंबिवली के रामचन्द्र नगर नवमाउली सोसायटी में रहने वाला हंसता-खेलता खानविलकर परिवार अब मातम सा छा गया हैं.

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घर तक आई धमाके की आवाज तो पति को हुई चिंता

छुट्टी होने के कारण गुरुवार को पति अमित घर पर ही था. पत्नी रिद्धि काम पर गई थी. हमेशा की तरह सब कुछ सुचारू रूप से शुरू था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. पौने दो बजे की आसपास डोंबिवली के अनुदान कंपनी मे जोरदार धमाका हुआ. इस धमाके मे 11 लोगों की जान चली गई और 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए.

धमाके की गुंज बहुत तेज थी. रिद्धि के पति अमित खानविलकर को भी पता चला कि कंपनी में धमाका हुआ है. अमित ने तुरंत अपनी पत्नी से संपर्क करना शुरू कर दिया. जब धमाका हुआ तो रिद्धि के पति अमित छुट्टी पर होने के कारण घर पर ही थे. मसलन, उन्होंने भी धमाके की आवाज सुनी और उन्हें अपनी पत्नी की चिंता होने लगी. उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी भी वहीं काम करती थी, जहां धमाका हुआ.

अमित ने ऐसे की मृतक पत्नी के शव की तलाश

अमित ने कई बार अपनी पत्नी को फोन करने की कोशिश की, लेकिन उसका फोन बंद था. उसने अपने कुछ दोस्तों को भी इसकी जानकारी दी. वे सभी रिद्धि को ढूंढने लगे. उसकी तस्वीरें व्हाट्सएप ग्रुपों पर भेजी गईं और अस्पताल में भी उसकी तलाश शुरू की गई. ये तस्वीरें अस्पतालों में काम करने वाले स्टाफ को भी भेजी गईं.

जब सारी तलाश चल रही थी, तभी एक डॉक्टर ने अमित के एक दोस्त को फोन किया और बताया कि ब्लास्ट हादसे में चार शव मिले हैं. ये शव दो अस्पतालों में हैं और डॉक्टर ने आगे बताया कि इनमें से दो शव महिलाओं के हैं. पता चला कि दोनों शवों को शास्त्रीनगर अस्पताल में रखा गया है, जहां वे पहुंचे तो लेकिन शव बुरी तरह से जल चुका था, जिससे उनकी पहचान नहीं हो सकी थी.

बाद में खानविलकर परिवार को वहां बुलाया गया. अमित भी अपनी पत्नी की तलाश में वहां पहुंच गया. फिर उन्होंने दोनों शवों में से एक के " हाथ में अंगूठी " देखी और कहा कि यह अंगूठी उसकी पत्नी की है. इसी तरह गले में पड़े " मंगलसूत्र " को देखकर अमित जोर जोर से रोने लगे.  खानविलकर परिवार को बड़ा झटका लगा जब अमित ने बताया कि वह उसकी पत्नी है. रिद्धि के शव की पहचान उसके हाथ में अंगूठी और मंगलसूत्र से हुई.

 

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