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भारतीय न्याय संहिता, सीएए सहित 25 कानून बदले या वापस लिए जाएंगे : चिदंबरम

नई दिल्ली.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कई कानून में बदलाव और संशाेधित करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसे 25 कानून की सूची हैं, जिनको संशोधित किया जाना है। उन्होंने कहा कि यदि वे जीते हैं तो नागरिकता संशोधन अधिनियम निरस्त करेंगे। कुछ अधिनियम निरस्त किए जाएंगे और नए नियम बनाए जाएंगे।

केरल में कांग्रेस के नेता ने अपने बयान में कहा कि हम सीएए- 2019, कृषक उत्पादन, व्यापार और वाणिज्य संवर्धन सुविधा अधिनियम 2020 को समीक्षा कर संशोधित या निरस्त करेंगे। इसके साथ ही भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता जो आईपीसी के समकक्ष है, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता जो कि सीआरपीसी है और भारतीय साक्ष्य (द्वितीय) अधिनियम जो साक्ष्य अधिनियम है। इन पांचों को पूरी तरह से निरस्त कर दिया जाएगा। फिर हमारे पास आठ कानून हैं जिन्हें रद्द कर नये कानून बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे पास 25 कानून हैं जिन्हें संशोधित करके संविधान में लाया जाएगा। नागरिकता संशोधन अधिनियम निरस्त किया जाएगा।

अनिवार्य जमानत का नियम भी लाया जाएगा
उन्होंने कहा कि कांग्रस अनिवार्य जमानत का नया कानून लेकर आएगी। इसमें जेल अपवाद की स्थिति में भेजा जाएगा। न्यायमूर्ति पी कृष्णा ने भी कहा कि जमानत नियम और जेल अपवाद को निचल अदालतें शायद की कभी फॉलो करते हैं। हर को 65 प्रतिशत लोग जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट नहीं जा सकते। पुलिस या सीबीआई पहले 15 दिनों की पूछताछ के बाद हर किसी को जमानत दी जानी चाहिए।

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