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कर्नाटक सरकार ने 3900 करोड़ रुपये से अधिक की 73 परियोजनाओं को दी मंजूरी

यमुना विकास प्राधिकरण के उद्यानों में योग मुद्रा वाली मूर्तियां लगायी जाएंगी

नोएडा
 यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित होने वाले उद्यानों में योग मुद्रा वाली मूर्तियां लगाई जााएंगी ताकि अधिक से अधिक लोगों को योग के प्रति आकर्षित किया जा सके।

यमुना विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. विपिन जैन ने बताया कि इसे देखते हुए प्राधिकरण ने आंतरिक विकास कार्य तेज कर दिए हैं।

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उन्होंने बताया कि सीवर, सड़क, नाली व विद्युतीकरण के साथ पार्क व हरित क्षेत्र विकसित करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) सिटी में पर्याप्त हरियाली और सुंदरता के लिए खास योजना बनायी गयी है।

यमुना प्राधिकरण ने योग की महत्ता को बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने के लिए अपने सेक्टर के पार्क व हरित क्षेत्र में योग को भी स्थान दिया है। पार्क व हरित क्षेत्रों में योग मुद्रा वाली मूर्तियां लगाई जाएंगी। योजना के मुताबिक सेक्टर के हर ब्लॉक में बड़ा पार्क विकसित किया जाएगा। इस पर करीब 38 से 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

सितंबर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विमानों का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही यीडा सिटी के आवासीय व औद्योगिक सेक्टरों में गतिविधियां बढ़ जाएंगी।

कर्नाटक सरकार ने 3900 करोड़ रुपये से अधिक की 73 परियोजनाओं को दी मंजूरी

बेंगलुरु
 कर्नाटक के बड़े और मध्यम उद्योग एवं बुनियादी ढांचा विकास मंत्री एम बी पाटिल की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय एकल खिड़की मंजूरी समिति ने 3,935.52 करोड़ रुपये की 73 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।

एक बयान के अनुसार, इन परियोजनाओं से लगभग 15000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

बेंगलुरु स्थित,ईटीएल सिक्योर स्पेस लिमिटेड, और डीएचएएसएच पीवी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, कंपनियों द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिसमें ये कंपनी इन प्रमुख परियोजनाओं में क्रमश 490.5 करोड़ रुपये और 346.35 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी।

पाटिल ने कहा कि एसएलएसडब्ल्यूसीसी द्वारा अनुमोदित कई परियोजनाएं उत्तरी कर्नाटक के जिलों में शुरु की जाएंगी।

बीरेन सिंह ने आईआरबी के नए जवानों को सड़क मार्ग से असम भेजने की योजना रद्द की

इंफाल
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि भारतीय आरक्षित वाहिनी (आईआरबी) के नए जवानों को प्रशिक्षण के लिए सड़क मार्ग से असम भेजने की योजना रद्द कर दी गयी है।

सिंह ने  फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ''10वीं और 11वीं आईआरबी के नए जवानों को सड़क मार्ग से असम भेजने की योजना रद्द कर दी गयी है। जल्द ही एक वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।''

आईआरबी में भर्ती हुए नए जवानों के परिवारों तथा रिश्तेदारों द्वारा कथित तौर पर विरोध किए जाने के बाद यह फैसला लिया गया है। उन्होंने चिंता जतायी थी कि कुकी बहुल क्षेत्रों से होने वाली इस यात्रा से अधिकारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और उन्होंने मांग की कि प्रशिक्षण इंफाल ईस्ट जिले में ही दिया जाए।

 इन अधिकारियों के रिश्तेदार इंफाल ईस्ट जिले के पांगेई में मणिपुर पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज के मुख्य द्वार के समीप एकत्रित हुए और उन्होंने प्रशिक्षण के लिए सड़क मार्ग से असम ले जाने की योजना का विरोध किया।

 

 

 

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